बेटी बचाओं (दोपहर की कड़कती धूप में)
नवजात बेटी का सवाल :- दोपहर की कड़कती धूप में रात के अंधेरे में सुनसान सड़क पर काँटे भरी झाड़ियो क्यों
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Read Moreमाँ मुझे आराम करना हैं|“स्कूल क्लास , पढ़ाई से थक कर बेटी ने माँ से कहा “अरी बिटिया अच्छी पढ़ाई
Read Moreजलालुद्दीन मोहम्मद रूमी (1207 -1273 ) तेरहवीं सदी के सूफी फ़ारसी कवि थे ,जिन्हें अधिकतर रूमी के नाम से
Read Moreतैर रहा था मैं , वह था सागर
Read Moreआया नवरात्रि का शुभ अवसरमिला है नारी को शक्ति दिखाने का अवसर |जितना परेशान करा है, नारी को पुरुषो ने |आज
Read Moreयह समय है,अपनी सोच और समझदारी दिखाने का |यह समय है,भय और नकारात्मक ऊर्जा को निकालने कायह समय है,सकारत्मक ऊर्जा
Read Moreसबको अपने बच्चे , सबसे प्यारे सबसे न्यारे लगते है, अपनी जान से ज़्यादा प्यारे होते है | दिन –
Read Moreमाँ तू भी है , माँ वो भी है फिर माँ जैसा प्यार क्यों तुझसे नहीं पाती हूँ | हर
Read Moreजिंदगी में दुःख कितने भी आए पर वो बचपन की हँसी साथ लेकर चलूँगी ” मैं “ भविष्य कितना भी
Read Moreबचपन से चुल – बुली होती है बेटिया पापा की लाड़ली माँ की दुलारी होती हैं बेटियाँ घर की रोनक
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