अब तो इन हवाओं से भी डर लगने लगा है 
घूम रहे है दु :शासन चारों ओर
कौरवो का खेल चल रहा हैं , यहाँ 
कृष्ण कहीं घूम हो गया है 
 अपराध इन  हवाओं में महसूस हो रहा हैं | 


रातों के सन्नाटे में, पास के घर की घड़ी की 
आवाज सुनाई देती है | 
उसकी चिल्लाने की आवाज , 
  किसी के कानों तक न पहुंची हो 
  ऐसा हो नहीं सकता | 
लोगो के दिलो की मानवता ही मर चुकी हैं | 

निर्भया के बाद ना सोच बदली 
न बदले  लोगों के  विचार 
आक्रोश था सबके  दिलों में बस थोड़े समय का | 
पूरा देश  भूल गया उसके दर्द को | 
जिन्दा रह गए उसके कातिल | 

कानून के बदलने  का इंतजार मत करो 
बदल जाता कानून निर्भया  के समय 
तो फिर से ये शर्मनाक घटना  न होती | 

 अब तो बदलो सोच को 
बदल दो देश के कानून को 
देश की जनता से निवेदन है मेरा 
जब तक प्रियंका रेड्डी के अपराधियों 
को सजा ना मिल जाये 
दिलों में गुस्सा जगह रखना | 
पकड़ लो सालों चारो को 
और नपुंसक बना के चौराहे पर चारो रावण का दहन कर  दो।      

deepakaneriya

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