शशि पटेल

मोटिवेशन स्टोरी 
जबलपुर की पहली महिला बाउंसर शशि पटेल 
का कहना हैं कि वो इस क्षेत्र लड़कियों की संख्या बढ़ाना चाहती है 
अगर सरकारे प्रोत्साहन दे तो लड़कियों की संख्या बढ़ेगी 
महिला बाउंसर को सुरक्षा में आगे रखना चाहिए 
 

जब लोग आपकी किसी खूबी या कमी का मजाक बनाएं, 
उससे डरे, दूर भागने लगें, तो उसी को अपनी ताकत बना लो,
सफलता मिलेगी जरूर 
शशि कहती हैं कि हमेशा लड़कियों को कमजोर माना जाता हैं , लेकिन मेरा मानना हैं की लड़कियां  लड़कों से ज्यादा ताकतवर और मजबूत होती है, बस कई बार सामाजिक दबाव के चलते उनका आत्मविश्वास डगमगा जाता  हैं | 
उन्होंने बताया की जब में बाउंसर बनने की ट्रेनिंग लें रहीं थी, मेरे साथ जो लड़के थे मेने खुद को उनसे ज्यादा स्ट्रांग पाया | अब शशि अन्य लड़कियाँ को सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग भी दे रही हैं | वे कहती हैं की लड़कियों को अगर सशक्त बनाना हैं,तो उससे पहले उन्हें आत्मविश्वास से भरपूर करने की जरूरत है | इसके बाद ही वे सफलता के झंडे गाड़ सकती हैं | 
लंबाई बनी ताकत   
शशि की लंबाई छह फिट  और वह इसे अपने वरदान मानती है | उन्होंने बताया कि वे वुशू प्लेयर रहीं हैं | 
2017 में गुवाहटी में आयोजित नेशनल  वुशू गोल्ड मेडल जीत कर अपने शहर का नाम रोशन किया |  शशि  ने बताया वुशू ट्रेनिंग के लिए जब वे ग्राउंड में रनिंग किया करती थी,तो उनकी हाइट को देखकर ही लोग डर जाते थे,
क्योकि आमतौर पर महिलायें इतनी लंबी नहीं होती हैं | 
आज कल  महिला समानता की बात सब करते हैं ,लेकिन महिलांओं के काम करने का  विषय आते ही लोग कहने लगते है , कि  लड़कियों के लिए यह काम नहीं है यह केवल पुरुष कर सकते हैं | 
में इस धारणा को बदलना चाहती हूँ और इसे बदला भी पिछले सात सालों से बाउंसर हूँ और अपना काम पूरी शिद्द्त और मजबूती  से करती हूँ यह कहना है जबलपुर की शशि पटेल का | 
शशि एक महिला बाउंसर है और शहर में आने वाले सेलिब्रिटीज की सुरक्षा का जिम्मा उन पर रहता है , जिसे वे 
बखूबी निभती है | 
अगर पेरेंट्स का साथ  मिले तो हर लकड़ी  अपने सपनों को पा सकती हैं 
शशि पटेल  के  पेरेंट्स ने उनका  सपोर्ट  किया उन्हीं के कारण वे अपना सपना पूरा कर पाई | 

deepakaneriya

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